छत्तीसगढ़ जनपर्ध न्यूज

प्रधान संपादक
इसके लगभग एक वर्ष बाद, अब 10 जून 2024 को बलौदाबाजार में हुई घटना को आधार बनाकर, जेल के अंदर रहते हुए ही लगातार एक के बाद एक गिरफ्तारियाँ दिखाई जा रही हैं।यह गंभीर प्रश्न है कि जब बलौदाबाजार की घटना को इतना लंबा समय बीत चुका है, तो पुलिस अब तक क्या कर रही थी अब अचानक इस प्रकार की कार्यवाही करना यह दर्शाता है कि यह न्याय नहीं, बल्कि पक्षपातपूर्ण और प्रताड़नात्मक कार्रवाई है।यह सरासर अन्याय है, जिसे भीम आर्मी छत्तीसगढ़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।यदि पुलिस का यही दमनकारी और असंवेदनशील रवैया जारी रहा, तो भीम आर्मी को मजबूरन बलौदाबाजार जिले को बंद करने का निर्णय लेना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


