
अरेकेल में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, मौके पर हुआ आवेदन निराकरण और हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ


बसना।
राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार अब शहरों से लेकर गांवों तक राहत, भरोसे और समाधान का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। शासन की योजनाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं और अधिकारी गांवों में पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुन रहे हैं। इसी क्रम में बसना विकासखंड के बसना मंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत अरेकेल में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं एवं आवेदन प्रस्तुत किए।

शिविर में आसपास के लगभग 15 गांवों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण करते हुए हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया। शिविर में ग्रामीणों ने राशन कार्ड, पेंशन, राजस्व प्रकरण, आवास, किसान संबंधित योजनाएं तथा अन्य जनसमस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए, जिन पर त्वरित कार्रवाई की गई।समाधान शिविर में भाजपा मंडल बसना के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान करे।
“जनता के बीच पहुंच रहा प्रशासन, बढ़ रहा विश्वास”
सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। समाधान शिविर न केवल योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, बल्कि लोगों का सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत कर रहे हैं। ग्रामीणों ने भी शिविर की व्यवस्था एवं त्वरित निराकरण पर संतोष व्यक्त किया।
विभागीय स्टॉलों में दी गई योजनाओं की जानकारी
शिविर में राजस्व, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, खाद्य, शिक्षा तथा सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान पात्र हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र एवं अन्य हितलाभ भी वितरित किए गए।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, किसान, महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।



