छत्तीसगढ़ जनपर्ध न्यूज

प्रधान संपादक
रक्तदान से बचाई जा रही ज़िंदगियाँ,मानवता की मिसाल पेश कर रहे आम नागरिक आज के समय में जब अस्पतालों में रक्त की लगातार आवश्यकता बनी रहती है, ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान समाज के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। हाल के दिनों में क्षेत्र के अनिरुद्ध साहू ने 27 बार टिकेलाल साहू ने 3 बार विश्वनाथ रणवीर ने 6 बार और पवनकुमार साहू ने 12 बार रक्तदान किया है और यह साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है।रक्तदान करने वालों में युवा, वर्ग के लोग शामिल रहे। और बताया कि उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।लोगों का कहना है कि रक्तदान करने से मन को सुकून मिलता है और किसी जरूरतमंद की मदद करने का संतोष मिलता है।स्वास्थ्य जानकारों के अनुसार दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव के मामलों में रक्त की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। समय पर रक्त न मिलने से मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। ऐसे में आम लोगों द्वारा दिया गया रक्त कई परिवारों के लिए जीवन की उम्मीद बन जाता है।डॉक्टरों का कहना है कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। इससे शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती। रक्तदान के कुछ ही दिनों में शरीर नया रक्त बना लेता है, जिससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।स्थानीय लोगों का मानना है कि रक्तदान जैसे कार्य समाज में भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। बिना किसी स्वार्थ के किया गया यह कार्य सच्ची मानवता का प्रतीक है।नागरिकों से अपील की गई है कि जो लोग स्वस्थ हैं, वे आगे आकर रक्तदान अवश्य करें। आज दिया गया थोड़ा-सा रक्त कल किसी की जान बचा सकता है।रक्तदान एक छोटा सा प्रयास है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत बड़ा होता है। यह न केवल जीवन बचाता है, बल्कि समाज को जोड़ने का भी काम करता है।


