छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और पारंपरिक पर्व छेर-छेरा के पावन अवसर पर मोक्ष कुमार प्रधान, जिला पंचायत सदस्य ने क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

तिलक राम पटेल संपादक महासमुन्द
छत्तीसगढ़ जनपर्ध न्यूज चैनल
उन्होंने कहा कि छेर-छेरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, दान-पुण्य और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने वाला पर्व है, जो हमें जरूरतमंदों की सहायता करने की प्रेरणा देता है।मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोकपरंपराओं और संस्कृति से है, और छेर-छेरा इस पहचान को संजोए रखने का सशक्त माध्यम है। इस दिन समाज के हर वर्ग को एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर आपसी भाईचारे और सद्भाव को और मजबूत करना चाहिए।उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और शांति लेकर आए। साथ ही उन्होंने अपील की कि इस अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता कर मानव सेवा को सर्वोपरि रखा जाए।अंत में मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि परंपरा, संस्कृति और सेवा के भाव से ओत-प्रोत यह पर्व छत्तीसगढ़ की आत्मा है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।


