तिलक राम पटेल संपादक महासमुंद छत्तीसगढ़ जनपर्ध न्यूज चैनल

सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को मिलेगी मजबूती – शिवलाल लकड़ा
महासमुंद – भाजपा अनुसूचित जनजाति जिला उपाध्यक्ष ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने पर कहा कि यह विधेयक आदिवासी समाज और अन्य नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह कानून समाज में किसी भी व्यक्ति पर दबाव, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए प्रभावी प्रावधान करता है।उपाध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी समुदाय अक्सर सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में आते हैं, इसलिए यह विधेयक उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने में विशेष महत्व रखता है। इसके माध्यम से वे अपनी आस्थाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए अपने धर्म का पालन स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे।उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक न केवल धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षार्थ करता है, बल्कि समाज में शांति, भाईचारा और पारस्परिक सम्मान को भी मजबूत करेगा। यह कदम जनभावनाओं के अनुरूप है और प्रदेश के समग्र विकास एवं सामाजिक स्थिरता में योगदान देगा।शिवलाल लकड़ा ने सरकार और सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन सरकार ने इस कानून के जरिए आदिवासी समाज के साथ-साथ पूरे समाज में न्यायपूर्ण व्यवस्था और कानून के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आपसी सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखें तथा राज्य के विकास में सक्रिय रूप से योगदान दें।इस अवसर पर उन्होंने विश्वास जताया कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के लागू होने से समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और सभी नागरिक अपनी आस्थाओं एवं धार्मिक विश्वासों के साथ सुरक्षित महसूस करेंगे।


