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छत्तीसगढ़ जनपर्ध न्यूज

प्रधान संपादक

सड़क दुर्घटनाओं में निरंतर हो रही वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए तथा आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से शासकीय हाईस्कूल कुम्हारी में हेलमेट सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के महत्व से अवगत कराना तथा सड़क सुरक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप देना रहा।इस जागरूकता अभियान में थाना प्रभारी श्री प्रवीण मिंज एवं एसआई श्री नेहरू विशेष रूप से उपस्थित रहे। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा सड़क पर चल रहे दोपहिया वाहन चालकों को रोककर उन्हें हेलमेट पहनने की अनिवार्यता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही बिना हेलमेट वाहन चलाने से होने वाले गंभीर एवं जानलेवा खतरों के बारे में छात्रों एवं नागरिकों को जागरूक किया गया।थाना प्रभारी प्रवीण मिंज ने उपस्थित नागरिकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हेलमेट केवल यातायात नियमों का पालन नहीं है, बल्कि यह दुर्घटना की स्थिति में सिर को गंभीर चोट से बचाकर जीवन की रक्षा करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने बताया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु का मुख्य कारण सिर में गंभीर चोट लगना होता है, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है।वहीं एसआई नेहरू ने अपने संबोधन में लोगों से अपील की कि वे स्वयं हेलमेट पहनने के साथ-साथ अपने परिवारजनों, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना केवल पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। सुरक्षित ड्राइविंग, सीमित गति तथा नियमों के पालन से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी रूप से कमी लाई जा सकती है।अभियान के दौरान पुलिस टीम द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई, आवश्यक समझाइश दी गई तथा हेलमेट न पहनने वाले चालकों को भविष्य में नियमों का पालन करने की चेतावनी भी दी गई। इस पहल से प्रभावित होकर कई नागरिकों ने नियमित रूप से हेलमेट पहनने का संकल्प लिया तथा पुलिस प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की।कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी-सी सावधानी, साइबर जागरूकता और नियमों का पालन बड़े हादसों को रोक सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे जागरूकता अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे, ताकि समाज में सुरक्षित यातायात के प्रति स्थायी चेतना विकसित की जा सके।

