
*आरटीई विद्यार्थियों के दस्तावेजों का हुआ गहन सत्यापन, संस्कार द राइजिंग स्कूल परसकोल में पहुंचे नोडल अधिकारी*बसना, 10 जून 2026। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिलेखों की जांच एवं सत्यापन के उद्देश्य से बुधवार को संस्कार द राइजिंग स्कूल, परसकोल (बसना) में विशेष सत्यापन अभियान आयोजित किया गया।


इस दौरान आरटीई नोडल अधिकारी श्री खिरोद मलिक एवं श्री कन्हैया लाल साव ने विद्यालय पहुंचकर नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक अध्ययनरत आरटीई विद्यार्थियों के दस्तावेजों का गहन निरीक्षण किया।सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों के आधार कार्ड, अंकसूची (मार्कशीट), प्रवेश संबंधी अभिलेखों तथा विद्यालयीय रिकॉर्ड का मिलान कर जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने प्रत्येक छात्र के दस्तावेजों की बारीकी से जांच करते हुए यह सुनिश्चित किया कि आरटीई योजना के अंतर्गत लाभान्वित विद्यार्थियों का संपूर्ण रिकॉर्ड शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं अद्यतन हो।निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों से संबंधित सभी दस्तावेजों का सुव्यवस्थित संधारण किया जाए तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आरटीई विद्यार्थियों का नियमित सत्यापन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने सत्यापन कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान अधिकांश अभिलेख व्यवस्थित पाए गए, जिस पर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया।विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय तिवारी, आरटीई प्रभारी श्री जगन्नाथ प्रधान, बसन्त लाल साहू , राजेश कुमार कुलदीप एवं शिक्षकों ने बताया कि संस्थान में आरटीई के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवश्यक शैक्षणिक संसाधन एवं बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।विद्यालय स्टाफ ने कहा कि शासन की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के सत्यापन एवं निरीक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। सत्यापन कार्य शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ, जिससे अभिभावकों एवं विद्यार्थियों में भी विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिला।




