
छोटी-बड़ी माल वाहक गाड़ियों से नकद वसूली कर अवैध रूप से बॉर्डर पार कराने का आरोप, विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल

रायपुर/सरायपाली।
राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित प्रदेश के प्रमुख सीमा जांच केंद्र खम्हारपाली चेक पोस्ट एक बार फिर विवादों में है। चेक पोस्ट पर छोटी एवं बड़ी मालवाहक गाड़ियों से कथित रूप से 100 से 500 रुपये तक की राशि लेकर बिना विधिवत जांच और रसीद के वाहनों को ओडिशा सीमा पार कराने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि इस मार्ग से अवैध मादक पदार्थ, पशु तस्करी, बिना ई-वे बिल माल परिवहन, अवैध खनिज पदार्थ तथा धान की तस्करी जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिससे शासन को राजस्व हानि उठानी पड़ रही है।प्रदेश के सबसे व्यस्त चेक पोस्टों में शामिल खम्हारपाली बैरियर से प्रतिदिन हजारों मालवाहक एवं यात्री वाहन गुजरते हैं। चेक पोस्ट पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से आम नागरिकों और छोटे वाहनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हाईवे पर बैरिकेडिंग को लेकर उठे सवाल
जानकारों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को बाधित करने वाली बैरिकेडिंग नहीं होनी चाहिए, लेकिन खम्हारपाली चेक पोस्ट पर लगाए गए अवरोधकों के कारण कई बार चारपहिया वाहन भी टकरा जाते हैं। इससे सड़क सुरक्षा को लेकर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
स्टिंग ऑपरेशन में अवैध वसूली के आरोप
स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई पड़ताल में आरोप लगाया गया कि चेक पोस्ट के बाहर ही कई वाहनों से नकद राशि लेकर उन्हें बिना पर्ची या रसीद के आगे जाने दिया जाता है। कुछ वाहन चालकों ने दावा किया कि वे नियमित रूप से इसी मार्ग से आवागमन करते हैं और औपचारिक एंट्री के बजाय सीधे नकद भुगतान कर निकल जाते हैं।एक छोटे मालवाहक वाहन चालक ने बताया कि वह प्रतिदिन सोहेला-बरगढ़ मार्ग पर आता-जाता है और कभी-कभी मात्र 100 रुपये देकर आगे बढ़ जाता है।
परिवहन विभाग की जानकारी पर भी सवाल
जिला परिवहन अधिकारी से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे पिछले कुछ महीनों से चेक पोस्ट नहीं गए हैं और वहां की वर्तमान व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति अथवा छोटे वाहनों की एंट्री संबंधी नियमों की उन्हें विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि विभाग का मुख्य कार्य वाहन जांच, लाइसेंस और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा नेता संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि खम्हारपाली चेक पोस्ट अवैध वसूली का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग को बैरिकेड लगाकर बाधित नहीं किया जा सकता तथा कथित मासिक पास और वसूली व्यवस्था की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अन्य विभागों की अनुपस्थिति से निगरानी प्रभावित
जानकारी के अनुसार राजनांदगांव जिले के चीचोला बॉर्डर पर परिवहन विभाग के साथ खनिज, वन और मंडी विभाग के कर्मचारी भी तैनात रहते हैं, जिससे अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाता है। इसके विपरीत खम्हारपाली चेक पोस्ट पर इन विभागों की स्थायी मौजूदगी नहीं होने से निगरानी व्यवस्था कमजोर बताई जा रही है।मंडी सचिव खीरभान सिंह ध्रुव ने बताया कि पहले यहां मंडी नाका संचालित होता था, जिसे शासन द्वारा बंद कर दिया गया। वर्तमान में स्टाफ की कमी है और उड़नदस्ता दल समय-समय पर कार्रवाई करता है।वहीं खनिज विभाग के अधिकारी फगुलाल नागेश ने बताया कि पूरे जिले में सीमित स्टाफ होने के बावजूद नियमित निरीक्षण, चालानी कार्रवाई और जब्ती की कार्रवाई की जाती है। नई नियुक्तियां शासन स्तर पर ही तय होंगी।

राजस्व और सुरक्षा दोनों पर असर की आशंका
सूत्रों के अनुसार खम्हारपाली चेक पोस्ट से प्रतिदिन लगभग 8,000 से 10,000 वाहन गुजरते हैं। इतने बड़े यातायात दबाव के बावजूद अवैध माल की जांच के लिए पर्याप्त संसाधन और बहु-विभागीय व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। कई सीसीटीवी कैमरों के निष्क्रिय होने तथा अधिकारियों के बार-बार स्थानांतरण के कारण शिकायतों के निराकरण में भी देरी होने की बात सामने आ रही है।स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने चेक पोस्ट की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराकर अवैध वसूली, तस्करी और राजस्व हानि संबंधी आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सीमा जांच चौकी की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।



