छत्तीसगढ़ जनपर्ध न्यूज

भगवती मानव कल्याण संगठन के बलौदा बाजार-भाटापारा जिला अध्यक्ष नेमी चंद पटेल द्वारा समस्त ग्रामीणों, वनवासियों एवं आम नागरिकों से विनम्र अपील की गई है कि महुआ फूल एकत्र करने के लिए वनों में आग न लगाएँ।वसंत ऋतु में महुआ के फूल झरते हैं और उनकी मधुर सुगंध से पूरा वन क्षेत्र सुवासित हो उठता है। यह सुगंध वातावरण को शुद्ध करती है, मन को शांति प्रदान करती है तथा मधुमक्खियों, तितलियों और अन्य छोटे छोटे जीवों को आकर्षित कर जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महुआ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का भी महत्वपूर्ण आधार है।दुर्भाग्यवश कुछ लोग फूलों को आसानी से बटोरने के उद्देश्य से जंगल में आग लगा देते हैं। यह कार्य न केवल पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है, बल्कि वन्य जीवों, पक्षियों के घोंसलों, पेड़-पौधों और भूमि की उर्वरता को भी नष्ट कर देता है। धुएँ से वायु प्रदूषण फैलता है और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है।हम सभी का नैतिक और सामाजिक दायित्व है कि वनों की रक्षा करें। आग लगाना एक दंडनीय अपराध भी है। कृपया वन संपदा को सुरक्षित रखें। मैं आम जन से भी आग्रह करता हूं कि यदि आप को कहीं भी वनों में लगे आग की सूचना मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करे एवं आग बुझाने में सहयोग प्रदान करें।


