छत्तीसगढ़ जनपर्ध न्यूज

प्रधान संपादक
ग्राम कुथरौद (हिरमी) निवासी स्वर्गीय श्री मुनीराम पटेल जी का जीवन समाज के लिए प्रेरणा और आदर्श का प्रतीक रहा है। उनका संपूर्ण जीवन अनुशासन, सेवा, साधना और सादगी से परिपूर्ण था। वे न केवल निराकार ब्रह्म के उपासक थे, बल्कि साकार रूप में समाज और परिवार के लिए एक मजबूत स्तंभ के रूप में सदैव सक्रिय रहे।स्वर्गीय श्री पटेल जी का जन्म वर्ष 1930 में ग्राम कुथरौद में हुआ। बचपन से ही वे अत्यंत मेधावी, अनुशासित एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग व्यक्ति रहे। प्रातःकाल जागरण, नियमित योग एवं व्यायाम उनकी दिनचर्या का अभिन्न अंग था। वे सदैव प्रार्थना में सबके कल्याण और समाज के हित की भावना से ओत-प्रोत रहते थे।अपने जीवनकाल में उन्होंने शिक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए लगभग 30 वर्षों से अधिक समय तक शासकीय सेवा प्रदान की। रायपुर संभाग के विभिन्न ग्रामों में उन्होंने जनहित एवं ग्राम विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। इसके साथ ही वे हरदीहा पटेल समाज की सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय सहभागिता निभाते रहे।स्वर्गीय श्री मुनीराम पटेल जी की पहचान एक व्यवस्थित जीवन शैली, हास्यपूर्ण स्वभाव एवं अपरिग्रह के उपासक के रूप में थी। यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि उन्होंने 96 वर्ष की दीर्घायु तक बिना किसी दवा के स्वस्थ जीवन व्यतीत किया।दिनांक 1 फरवरी को उन्होंने अपनी भौतिक जीवन यात्रा पूर्ण कर अपने आराध्य में लीन हो गए। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।दिनांक 11 फरवरी को ग्राम कुथरौद में उनके दशगात्र कार्यक्रम एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है, जिसमें समाज के गणमान्य नागरिकों द्वारा उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे।


